Guest Teacher

Monday, January 31, 2011

सरकारी कार्यालयों  : शिक्षा विभाग , शिक्षा निदेशालय , डी.ई.ओ. , बी.ई.ओ. और  सभी विद्यालयों के द्वारा पाँच वर्षों से भी अधिक समय से गेस्ट टीचर के  रिकार्ड की जाँच की जा रही है ***

 

 

 

 

ललकार से सहमी सरकार, मिलने को राजी हुए हुड्डा

Source: Bhaskar News   |   Last Updated 05:21(23/10/10)



रोहतक.  स्थायी नियुक्ति प्रदान करने की मांग को लेकर अरसे से संघर्ष कर रहे गेस्ट टीचरों की शुक्रवार को यहां हुई ललकार रैली सफल रही और मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने उनसे मुलाकात करने की बात मान ली।

सीएम से गेस्ट टीचरों का प्रतिनिधिमंडल 28 अक्टूबर को मिलेगा। अधिकारियों की तरफ से यह जानकारी दिए जाने के बाद ही सीएम ने उनसे मिलने की बात मान ली है, यह सुनकर गेस्ट टीचर मान गए। सुबह से ही प्रदेश गेस्ट टीचर सेक्टर छह स्थित राजीव गांधी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के सामने जमा होना शुरू हो गए थे।


लगभग 12 बजे रैली शुरू हुई। रैली की अध्यक्षता कर रहे गेस्ट टीचर एसोसिएशन के प्रदेश प्रधान जितेंद्र थिलौड ने कहा कि प्रदेश सरकार उनके आंदोलन को कुचलने का प्रयास कर रही है।

जिला प्रशासन धरने पर बैठे गेस्ट टीचरों को जबरदस्ती उठा रहा है। उन्होंने कहा कि वे शांतिपूर्वक क्रमिक अनशन पर बैठे थे, इसके बावजूद पहले तो उनका टेंट उखाड़ा गया, इसके बाद उन पर धरने से उठने के लिए दबाव बनाया गया। गेस्ट टीचर को हर बार सरकार इधर उधर की बात करके बहला देती है, लेकिन उनकी एक ही मांग है, जब तक गेस्ट टीचरों को स्थायी नहीं किया जाएगा उनका आंदोलन जारी रहेगा।

पुलिस बल को देखकर कौतूहल में रहे लोग

शहर से गुजरने वाले वाहन चालक और अन्य लोग जगह-जगह तैनात भारी पुलिस बल को देखकर कौतूहल में रहे। घोड़ा पुलिस और पुलिस के काफिले रैली स्थल के आस-पास मार्च कर रहे थे। वाहन चालक आस-पास खड़े लोगों से इस बारे में पूछताछ करते नजर आए।

बाईपास रहा जाम

रैली को लेकर बस स्टैंड के पास बना नया बाईपास पूरी तरह से जाम रहा। यहां पर भारी पुलिस दल मौजूद था। जिस कारण पानीपत को जाने वाले सभी वाहनों को सुखपुरा  चौक से निकाला गया। शीला बाईपास से भी किसी वाहन को शहर के अंदर नहीं घुसने दिया गया।

जाम से त्रस्त रहे लोग

बस स्टैंड होने के कारण यहां पर वाहनों की भीड़ वैसे ही लगी रहती है। शाम को जैसे ही रैली समाप्त हुई। शहर में जगह-जगह जाम लग गए। जिस कारण पुलिस और यातायात विभाग के जवानों के अलावा  वाहन चालकों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर में करीब एक घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही।

बारिश में भी डटे रहे

दोपहर बाद करीब तीन बजे तेज बारिश और ओला वृष्टि शुरू हो गई, लेकिन इसके बावजूद गेस्ट टीचर धरना स्थल पर डटे रहे। टीचरों ने मंच से यही कहा कि भगवान भी उनकी परीक्षा ले रहा है। हालांकि तेज हवा के कारण शामियाना भी फट गया।

अधिकारियों को लताड़ा, मिलने से इनकार

गेस्ट टीचर का ज्ञापन लेने के लिए एडीसी एएस मान, एसडीएम जयवीर आर्य और नायब तहसीलदार प्रमोद चहल धरना स्थल पर पहुंचे, लेकिन गेस्ट टीचरों ने उन्हें लताड़ते हुए अधिकारियों से मिलने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मुलाकात करनी है। बाद में इन अधिकारियों ने सीएम को गेस्ट टीचर की मांग के बारे में बताया। 28 अक्टूबर को गेस्ट टीचर की सीएम के साथ चंडीगढ़ में मुलाकात तय हुई। इस दिन गेस्ट टीचर का एक प्रतिनिधि मंडल सीएम से बातचीत करेगा। ( दैनिक भास्कर )








ललकार रैली में गेस्ट टीचर ने भरी हुंकार

 
















रोहतक, जागरण संवाददाता : अनुबंधित अध्यापक संघ की 'ललकार रैली' में अध्यापकों के तीखे तेवर नजर आए। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए हजारों अध्यापक अपनी नियमित करने की मांग को लेकर सरकार पर जमकर बरसे और सीएम से त्याग पत्र मांगा।
रैली स्थल पर पहुंचे एडीसी अमरजीत सिंह मान ने अध्यापकों को 28 अक्टूबर को चंडीगढ़ में सीएम से मिलने का समय दिया। यहां अध्यापकों ने उन्हे सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। रैली को लेकर प्रशासन की ओर से भी पुख्ता प्रबंध किए हुए थे। शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात था।

शुक्रवार को राजीव गांधी स्पो‌र्ट्स काम्प्लेक्स के सामने अनुबंधित अध्यापक संघ ने ललकार रैली का आयोजन किया। यहां अध्यापक अपनी मांगों को लेकर सरकार पर जमकर बरसे। अध्यापकों ने प्रशासन द्वारा लगाई गई धारा 144 व उन्हे शहर में रैली न करने देने की जमकर निंदा की। उन्होंने कहा कि यह उनके अधिकारों का हनन है।

अध्यापकों ने कहा कि प्रशासन उन पर धारा 144 लगाने या शहर में न घुसने देने से उनकी आवाज नहीं दबाई जा सकती। वे अपने हक के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार है।

अनुबंधित अध्यापक संघ के प्रांतीय प्रधान जितेंद्र थिलौड ने कहा कि रैली की सफलता उनकी जीत का आइना है। यह अध्यापकों की एकता के कारण ही संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया तो वे आंदोलन तेज करेगे। इस कड़ी में 31 अक्टूबर को विधायक रणदीप सुरजेवाला व विधायक कैप्टन अजय सिंह का उनके गृह जिले में घेराव करेगे। उन्होंने कहा कि रैली में प्रदेश की विभिन्न 1089 पंचायतों से समर्थन प्राप्त हुआ है। इनमें सबसे अधिक समर्थन यमुनानगर जिले से प्राप्त हुआ है।

यमुनानगर की 152 पंचायतों ने इसकी पत्र भेजकर घोषणा की है। कुछ पंचायत प्रतिनिधियों ने रैली में भाग भी लिया है। संघ को समर्थन देने वालों सिरसा दूसरे व भिवानी तीसरे स्थान पर है। इस समर्थन ने दर्शाया है कि आम आदमी भी उनकी लड़ाई में शामिल है।

सीटू के प्रांतीय प्रधान सतबीर सिंह ने कहा कि सरकार को इन अनुबंधित अध्यापकों को नियमित करने के लिए कोई नीति बनानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन द्वारा लागू की गई धारा 144 व धरने, प्रदर्शन या रैलियों आदि के लिए शहर से बाहर जगह देने की निंदा की।

राजकीय अध्यापक संघ के प्रांतीय प्रधान बलबीर सिंह ने कहा कि सरकार अनुबंधित अध्यापकों को अकेला न समझे। उनके इस संघर्ष में प्रदेश के नियमित 75 हजार अध्यापक भी साथ है।

एसकेएस जिला प्रधान रमेश लौरा ने कहा कि सर्वकर्मचारी संघ अध्यापकों के साथ हैं। रैली में संघ का समर्थन करने वाले सर्व कर्मचारी संघ, रोडवेज यूनियन, ग्राम पंचायतों के अलावा खाप पंचायतें भी शामिल थी।

रैली स्थल पर सरकार की ओर से एडीसी अमरजीत सिंह मान ने अध्यापकों से बात की। यहां उन्होंने अध्यापकों की समस्या सुनी तथा मुख्यमंत्री से बातचीत के लिए 28 अक्टूबर को चंडीगढ़ में मिलने का समय दिया। इस आश्वासन के बाद अध्यापकों ने मुख्यमंत्री के नाम अपनी मांगों का ज्ञापन एडीसी को दिया और रैली का समापन किया।

इस मौके पर रोडवेज यूनियन के प्रांतीय प्रधान जयप्रकाश बैनीवाल, एसकेएस के महासचिव जीवन सिंह, हरियाणा अध्यापक संघ की वरिष्ठ उपप्रधान निर्मला, जंगली राम, सुमेर सिवाच, रणधीर कुंडू, किसान सभा अध्यक्ष प्रीत सिंह, एसएफाई से अंजू, राजेश तोमर, दिनेश यादव, पारस शर्मा, शिव कुमार, भूपेंद्र, सुरेंद्र शर्मा, अशोक शास्त्री, समीर नरुला, सुल्तान सिंह, जगदीश, भीम सिंह, इंद्र सिंह समेत अनेक लोग मौजूद थे।

छावनी नजर आया शहर
ललकार रैली के चलते शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात था। शहर में अनुबंधित अध्यापकों को प्रवेश करने से रोकने के लिए सभी मुख्य मार्गो को सील किया गया था। दिल्ली बाईपास, शीला बाईपास, नया बस स्टेड के नजदीक, भिवानी स्टेड, लघु सचिवालय, समेत अनेक स्थानों पर सशस्त्र पुलिस बल तैनात रहा। रैली स्थल पर भी डीएसपी सिटी जयवीर राठी के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस मौजूद थी। यहां रोहतक के अलावा, सोनीपत, भिवानी व अन्य जिलों की पुलिस भी मौजूद थी। इसके अलावा विभिन्न तीन जिलों के पुलिस अधीक्षक व दो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भी मौके पर तैनात थे। इनमें रोहतक पुलिस अधीक्षक बी. सतीश बालन, सोनीपत एसपी केके राव, भिवानी एसपी अश्विन, एएसपी जींद सिमरनदीप सिंह, एएसपी हिसार अभिषेक कुमार शामिल है। यहां डीएसपी हेडक्वार्टर सुमित कुमार भी थे। इसके अलावा आठ डीएसपी व करीब साढ़े तीन हजार पुलिस के जवान विभिन्न हिस्सों पर तैनात थे। यहां मुख्यमंत्री के राजनीति सचिव जेके मल्होत्रा के अलावा उपायुक्त पीसी मीणा, एसडीएम जयवीर आर्य, पीजीआई रजिस्ट्रार महेद्रपाल भी मौजूद थे।

गीत के माध्यम से किया आग्रह
हिसार से रैली में भाग लेने आई केलापति ने अपने गीत 'राष्ट्र के निर्माता है, घने मत सतावै' के माध्यम से अपनी बात कही। गीत के जरिए उन्होंने सीएम से मांगों को पूरा करने का आग्रह किया। ( दैनिक जागरण )










रोहतक में गरजे अतिथि अध्यापक


Story Update : Saturday, October 23, 2010    12:01 AM


रोहतक। नियमित करने की मांग को लेकर अनुबंधित अध्यापकों की शुक्रवार को रोहतक में हुई ललकार रैली में सरकार को २८ अक्तूबर तक का अल्टीमेटम दिया गया। अध्यापकों ने दोहराया कि अगर समय पर उनकी मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन का रुख उग्र कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह सरकार से टकराव नहीं चाहते पर सरकार मनमानी करके उन्हें परेशान कर रही है।
उधर, पुलिस व प्रशासन के बंदोबस्त देख अध्यापकों ने प्रस्तावित प्रदर्शन को स्थगित कर दिया और रैली स्थल पर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। रैली के कारण दिनभर जिला प्रशासन का पूरा अमला सेक्टर छह में सड़क पर खड़ा रहा। 

उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक खुद मामले की नजाकत को देखते हुए रैली स्थल के आसपास डटे रहे। रैली को लेकर शहर के अधिकतर रास्ते बंद किए गए थे और एकतरफा ट्रैफिक ही चल रहा था। अनुबंधित अध्यापक बिना कोई उग्र प्रदर्शन किए शांतिपूर्वक अपने गंतव्य को चले गए।

पूर्व तय कार्यक्रम के मुताबिक सेक्टर छह के हुडा मैदान में शुक्रवार दोपहर तक हजारों की संख्या में अनुबंधित अध्यापक पहुंच चुके थे। रैली को संबोधित करते हुए प्रधान जितेंद्र सिंह थिलौड़ ने कहा कि उनकी मांग जायज है और हर हाल में वह अपना हक लेकर रहेंगे। रैली में सर्वसम्मति से तय हुआ कि इस मामले में २८ अक्तूबर तक का समय सरकार को दिया जाए। अगर इस समय के बाद भी सरकार ने कोई सकारात्मक पहल नहीं की तो आंदोलन उग्र होगा। 

अध्यापकों ने कहा कि इसको लेकर वह फिर से मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। उधर, रैली को लेकर प्रशासन देर रात ही अलर्ट हो गया था। सीएम के शहर में होने के बावजूद जिला उपायुक्त व पुलिस कप्तान दिन भर सेक्टर छह की सड़क पर खड़े रहे और पल-पल की जानकारी ली। रैली स्थल और शहर में लगभग छह हजार पुलिस कर्मी तैनात किए गए थे ताकि स्थिति न बिगड़े।  ( अमर उजाला )






अतिथि अध्यापकों को तुरंत पक्का करें : गुर्जर

Last Updated 02:06 (19/10/10)

 

खिजराबाद & भाजपा के वरिष्ठ नेता व छछरौली से पूर्व विधायक कंवर पाल गुर्जर ने मांग की कि अतिथि अध्यापकों की बेहतरीन सेवाओं को देखते हुए तुरंत पक्का किया जाए। 

इस मामले में देरी करने से स्कूल का माहौल बिगाडऩे की कोशिश की जा रही है। भाजपा नेता ने कहा कि सरकार अतिथि अध्यापकों को स्थाई न कर अपने ही नियम को तोड़े जा रहे हैं। 

कंवरपाल ने कहा कि जब 98 दिनों तक लगातार की गई सरकारी सेवा के बाद नियमित करने का कानून बनाया गया है, तो अतिथि अध्यापकों के साथ ऐसा अन्याय क्यों?   ( दैनिक भास्कर )

 

 

 



अंबाला के अतिथि अध्यापक सोमवार को ज़िला शिक्षा अधिकारी के दफ्तर के सामने धरना देते हुए। - चित्र : प्रदीप मैनी

अम्बाला, 18 अक्तूबर (हप्र)। अतिथि अध्यापकों ने आज जिला शिक्षा अधिकारी के दफ्तर के सामने अपनी मांगों को लेकर धरना दिया। हरियाणा कर्मचारी महासंघ व हरियाणा राजकीय अध्यापक संघ ने अतिथि अध्यापकों की मांगों का समर्थन किया।

अध्यापकों की मांग थी कि राज्य सरकार अनुबंध पर लगे अध्यापकों को तुरंत नियमित करे और राजकीय अध्यापकों के समान उन्हें सभी तरह की सुविधाएं व भत्ते मुहैया करवाए। अध्यापकों ने आंदोलन के दौरान कुछ अतिथि अध्यापकों पर दर्ज किए गए मामलों की भी वापस लेने की मांग की।

अध्यापक संघ के अध्यक्ष गुलजार सिंह ने इस मौके पर कहा कि राज्य सरकार अतिथि अध्यापकों से दूसरे दर्ज के नागरिकों जैसा सलूक करती है। उन्होंने कहा कि सरकार अतिथि अध्यापकों को पिछले 5 सालों से झूठे आश्वासन दे रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने जल्दी ही उनकी मांगें न मानी तो अतिथि अध्यापकों को राज्यव्यापी आंदोलन छेडऩे के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

अध्यापक संघ के नेता राजीव शर्मा, हरविन्द्र सिंह, सत्य नारायण, बृजपाल वालिया, रमेश सैनी व जसविन्द्र ने भी अध्यापकों को सम्बोधित किया। ( दैनिक ट्रिब्यून )

 

 

 

 


डीसी कार्यालय के बाहर से अतिथि अध्यापकों का टेट हटाया

 

 

Oct 18, 08:37 pm


रोहतक,  वसं  :  पिछले महीने से डीसी  कार्यालय के बाहर धरनारत व क्रमिक अनशन पर बैठे अतिथि अध्यापकों के पुलिस ने साढ़े पांच  बजे के करीब तंबू उखाड़ दिए व पुलिस गाड़ी में बैठा ले गए।

मिली जानकारी के अनुसार पिछले दिनों लगाई गई धारा 144  के बाद भी अतिथि  अध्यापकों ने स्थान नहीं छोड़ा था। आज दिन में ही उपायुक्त ने उन्हे वहां से हटाने के निर्देश जारी किए थे। इंस्पेक्टर कुलदीप ने बताया उन्हे दिन में ही कह दिया गया था कि सायं चार बजे आपको यहां से हटाया जाएगा। धारा 144 लगी होने  के कारण कोर्ट में जवाब देना होगा।

पुलिस ने अतिथि अध्यापकों को वहां से हटाकर उनके टेट को उखाड़ दिया व लाउड स्पीकर भी उतार लिया। इसके पश्चात पुलिस आठ-दस के करीब अतिथि अध्यापकों को बस में बिठा ले गई। पुलिस का कहना था कि उन्हें बस अड्डे पर छोड़ दिया जाएगा।

उधर, अतिथि अध्यापकों का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से वहां बैठे अतिथि अध्यापकों को जबरन वहां से उठाया गया है। यूनियन सदस्य जगत प्रकाश ने कहा कि आगामी 22  अक्टूबर को वो ललकार रैली के जरिए रोहतक में फिर प्रदर्शन करेगे। उसके बाद भी सरकार नहीं मानी तो अनिश्चित कालीन भूख  हड़ताल शुरू की जाएगी। (दैनिक जागरण )

 

 

धरने पर बैठे अनुबंधित अध्यापक गिरफ्तार


Story Update : Tuesday, October 19, 2010    12:01 AM


रोहतक। नियमित करने की मांग को लेकर पिछले एक माह से धरने पर बैठे अनुबंधित अध्यापकों को सोमवार शाम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। साथ ही लघु सचिवालय के बाहर लगाए गए उनके टेंट को उखाड़ दिया। अनुबंधित अध्यापकों ने रविवार रात ही आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया था।
अनुबंधित अध्यापक पिछले एक माह से नियमित करने की मांग को लेकर लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे हुए थे। जिला प्रशासन की तरफ से उन्हें वहां से धरना समाप्त करने के लिए कई बार कहा गया था और धारा-१४४ भी लगाई गई थी। करीब दस दिन पहले प्रशासन ने अध्यापकों के खिलाफ धारा -१४४ के उल्लंघन करने का मामला दर्ज भी किया था। 

रविवार रात को अनुबंधित अध्यापकों की बैठक हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि आंदोलन को तेज करने के लिए रोहतक में २२ अक्तूबर को ललकार रैली आयोजित की जाएगी। सोमवार शाम को भारी पुलिस बल धरना स्थल पर पहुंचा और धरने पर बैठे १४ अध्यापकों को हिरासत में ले लिया। साथ ही उनका टेंट भी उखाड़ दिया। समाचार लिखे जाने तक भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद था।         ( अमर उजाला )

 

 

 

29वें दिन भी जारी रहा अध्यापकों का अनशन

अतिथि अध्यापकों  ने सुरजेवाला को सौंपा ज्ञापन


Story Update : Sunday, October 17, 2010    12:01 AM


कैथल। अतिथि अध्यापक संघ ने शहर में प्रदर्शन करते हुए लोकनिर्माण एवं जन स्वास्थ्य मंत्री रणदीप सुरजेवाला को ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने मांग की कि सरकार द्वारा दिए गए आश्वासन के तहत अतिथि अध्यापकों को नियमित किया जाए। 

ज्ञापन में अतिथि अध्यापकों ने बताया कि सात सितंबर 2008 में पुलिस की गोली का शिकार हुए एक अतिथि अध्यापक को मुआवजे के साथ-साथ सरकार ने इन अध्यापकों को नियमित करने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक किसी आश्वासन को पूरा नहीं किया गया है। इसलिए हरियाणा सरकार में सभी 90 विधायकों का ज्ञापन देकर उनसे समर्थन पत्र लिया जा रहा है कि वे अनुबंधित अध्यापकों के पक्ष में है या नहीं। 

हरियाणा अध्यापक संघ के अध्यक्ष बलबीर सिंह न कहा कि जब तक अनुबंधित अध्यापकों को नियमित नहीं किया जाता, तब तक हरियाणा सर्व कर्मचारी संघ चैन से नहीं बैठेगा। इस प्रदर्शन में पीटीआई अध्यापक संघ के अध्यक्ष बलजीत सिंह, ब्लॉक कलायत अध्यक्ष महेंद्र शर्मा, पूंडरी ब्लॉक अध्यक्ष सुखविंदर सिंह, गुहला ब्लॉक अध्यक्ष रामपाल सीवन, रमेश सरदाना, राजौंद से रमेश कुमार गुलियाणा, बजिंद्र अत्री, राकेश बालू, महावीर बालू, शमशेर नन, पाला राम, महिला विंग की अध्यक्ष विद्या देवी, मीनू, आशा, हरजीत कौर और संतोष आदि अध्यापक-अध्यापिकाओं ने हिस्सा लिया।  ( अमर उजाला )


                                                       

 

  

               

17वें दिन भी जारी रहा अध्यापकों का अनशन

  ओछे हथकंडे अपना रही है सरकार





 

रोहतक. राजकीय अनुबंध अध्यापक संघ का आंदोलन वैसे तो नरम पड़ गया है, लेकिन जिलावार शिक्षकों का अनशन मंगलवार को भी जारी रहा। 17वें दिन जिला भिवानी के सैकड़ों अध्यापक लघु सचिवालय के बाहर अनशन पर बैठे।

राजकीय अनुबंध अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र थिलौड़ ने कहा कि सरकार लोकतंत्र का हनन करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से धरने पर बैठे अध्यापकों पर अनावश्यक रूप से दबाव डाल रही है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में घोषित छुट्टियों को रद्द करना इसका जीता जागता सबूत है।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से दो बार मुलाकात हो चुकी है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया। मुख्यमंत्री का यह कहना कि अनुबंध अध्यापकों को किस पालिसी के तहत स्थाई किया जाए, यह उनकी अदूरदर्शिता का परिणाम है।

पालिसी बनाना तो सरकार का काम होता है, कर्मचारियों का नहीं। शिव कुमार ने कहा कि अनुबंध शिक्षक स्थाई होने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। अनुबंध शिक्षक पिछले पांच वर्षो से सरकारी स्कूलों में बेहतर सेवाएं दे रहे हैं, जिनमें से अधिकतर नौकरी लगने की उम्र भी पार कर गए हैं।

मंगलवार शाम को महेंद्रगढ़ के 11 अध्यापकों ने धरनास्थल पर अनशन शुरू कर दिया है। राजकीय अध्यापक संघ के ऑडिटर अरविंद कुमार ने अनुबंध शिक्षकों के संघर्ष में हर कदम पर साथ देने की घोषणा की। इस अवसर पर नरेंद्र शर्मा, मनोज कुमार, अनिल कुमार, राजेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, रमेश गिल, सर्व कर्मचारी संघ के खंड प्रधान राजपाल सिक्का, करनैल सिंह, संतोष देवी, संजय तोशाम मौजूद थे। ( दैनिक भास्कर )

 

 

16वें दिन भी जारी रहा अध्यापकों का अनशन



Oct 04, 08:27 pm

 


रोहतक : अनुबंधित अध्यापकों का क्रमिक अनशन सोलहवें दिन भी जारी रहा। आज सोमवार को 11 अनुबंधित अध्यापक अनशन पर बैठे। इससे पूर्व दो-दो जिलों से सौ अनुबंधित अध्यापक 24 घटे की भूख हड़ताल पर थे।

सोमवार को मेवात के अनशनकारी अनुबंधित अध्यापक धरने पर रहे। शाम चार बजे से जिला भिवानी के अनशनकारी साथी व सभी अनुबंधित अध्यापक उनके साथ अनशन पर रहे।

धरने के अध्यक्ष पारस शर्मा ने कहा कि हमारी जायज मागों के संदर्भ में 19 सितंबर से रोहतक में डेरा डाले हुए है। परतु यह कहते हुए बड़ा दुख होता है कि मुख्यमंत्री गेस्ट टीचरों से रेगुलर करने की पालिसी मागते है।

मेवात के जिला प्रधान नाजिर खान ने कहा कि अनुबंधित अध्यापकों को नियमित कराने के लिए मेवात के गेस्ट टीचर किसी भी हद तक जाने को तैयार है। फरियाद इलाही ने कहा कि उम्र के इस पड़ाव पर नौकरी छूटने के बाद उनके सामने धरना व प्रदर्शन के सिवाय कोई रास्ता नहीं बचा।

निष्ठा चौधरी ने कहा कि सितंबर 2008 में सैकड़ों महिलाओं ने लाठिया एवं गोलिया खाई थी। आज भी हजारों अनुबंधित अध्यापिकाएं अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार है।

कपिल जैन ने कहा 19 सितंबर से ही रोजाना राहुल गाधी के लिए फैक्स व ई-मेल कर रहे है। यदि हरियाणा सरकार की कान पर जूं नहीं रेगी तो बहुत जल्द अनुबंधित अध्यापक रोहतक से दिल्ली पैदल मार्च के लिए मजबूर हो जाऐंगे। (दैनिक जागरण )

 

 

धारा 144 का नहीं असर, गेस्ट टीचर्स ने शहर में किया प्रदर्शन




रोहतक. नौकरी स्थाई कराने की मांग को लेकर अनशन पर बैठे अनुबंध शिक्षक प्रशासन के गले की फांस बन गए हैं। कोर्ट के निर्देश पर जिला प्रशासन ने अनुबंध शिक्षकों को धरनास्थल से हटाने के लिए शुक्रवार रात को धारा-144 लागू कर दी थी, लेकिन आंदोलनकारी शिक्षकों पर इसका कोई असर नजर नहीं आया और धरनास्थल पर ही डटे रहे। शिक्षकों ने शनिवार को शक्ति जाहिर करते हुए एक बार फिर जोरदार प्रदर्शन किया।

राजकीय अनुबंध अध्यापक संघ के बैनर तले प्रदेश भर के अस्थाई शिक्षक लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे हुए हैं। शनिवार को शिक्षकों का अनशन 13वें दिन में प्रवेश कर गया। रोजाना हजारों शिक्षकों द्वारा धरनास्थल पर नारेबाजी की जाती है, जिससे कोर्ट परिसर और लघु सचिवालय में कामकाज प्रभावित हो रहा है।

इसी को लेकर कुछ वकीलों ने सरकार को पार्टी बनाते हुए कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट में याचिका दायर करते ही जिला प्रशासन हरकत में आया और धरनास्थल पर जिला उपायुक्त एवं मजिस्ट्रेट ने धारा-144 लागू कर दी, लेकिन शिक्षकों की संख्या अधिक होने के कारण प्रशासनिक अधिकारी कोई भी ठोस कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं।

हालांकि शनिवार को जिला

प्रशासन की तरफ से कई बार शिक्षकों से मुलाकात की गई, लेकिन सार्थक परिणाम नहीं आया। आंदोलनकारी शिक्षकों की मांग हैं कि उन्हें सरकार स्थाई करे अन्यथा संघर्ष जारी रहेगा। प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र थिलौड़ ने कहा कि जब तक सरकार नौकरी स्थाई नहीं करेगी, उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा।  ( दैनिक भास्कर )





रोहतक/बहादुरगढ़, 2 अक्तूबर (निस)।

रोहतक लघु सचिवालय के बाहर धरना देकर बैठे अनुबंध अध्यापकों ने आज शहर में जोरदार प्रदर्शन किया। अध्यापक नेताओं ने चेतावनी दी कि सरकार भ्रम फैलाने का प्रयास न करें अन्यथा उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। अध्यापक नेताओं ने मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा को मानने से स्पष्ट इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार हमारे शांतिपूर्ण आंदोलन को हमारी कमजोरी  न समझें। आज अध्यापकों के तेवर काफी उग्र दिखाई दिए। प्रशासन द्वारा धरना स्थल पर भारी पुलिस बल व फायरबिग्रेड की गाडिय़ां तैनात करने से उनका रोष ओर बढ़ गया। जिससे काफी स्थिति काफी तनावपूर्ण बन गई। उन्होंने अपने अन्य साथियों को भी धरनास्थल पर बुला लिया।

गत 19 सितंबर से जारी हरियाणा अनबंधित अध्यापक संघ के धरने पर आज भी हजारों अनुबंधित अध्यापक पहुंचें। अध्यापकों में सरकार के प्रति जोरदार रोष बना हुआ था। धरने को संबोधित करते हुए अध्यापक नेताओं ने दो टूक शब्दों में सरकार द्वारा की गई घोषणा को नकारते हुए इसे छलावा बताया।

अध्यापकों ने साफ कहा कि वे अपनी एक सूत्रीय मांग उन्हें नियमित न किए जाने तक किसी भी सूरत में अपने आंदोलन को समाप्त नहीं करेंगे। अनुबंध अध्यापकों ने नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय से अम्बेडकर चौक, सोनीपत स्टैण्ड, मान सरोवर पार्क आदि स्थानों से होकर शहर में जोरदार प्रदर्शन किया। अध्यापक नेताओं ने सरकार द्वारा स्कूलों में छुट्टी समाप्ति की घोषणा को भी उनके खिलाफ षडय़ंत्र करार दिया।(दैनिक ट्रिब्यून )

 

 

                               

गेस्ट टीचरों के वेतन में 20 फीसदी बढ़ोतरी


Posted On October - 1 - 2010

चंडीगढ़, 30 सितम्बर (हप्र)। अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत अतिथि अध्यापकों (गेस्ट टीचर) की हरियाणा सरकार के साथ वार्ता सिरे चढ़ गई है। अध्यापकों के वेतन में जहां बीस प्रतिशत का इजाफा किया गया है, वहीं उन्हें छुट्टियां का भी लाभ देने का निर्णय लिया गया है। 

हालांकि अतिथि अध्यापकों को नियमित किये जाने पर चतुराई से फैसला लेते हुए सरकार ने यह गेंद अतिथि अध्यापक एसोसिएशन के पाले में ही सरका दी। अपने हाथ खड़े करते हुए सरकार ने साफ तौर पर कह डाला कि उन्हें पक्का करने का कानूनी रास्ता खुद शिक्षक की निकालें, सरकार उस पर सकारात्मक विचार करेगी। 

वार्ता में यह निर्णय हुआ है नियमित भॢतयों के बाद भी अतिथि अध्यापकों को हटाया नहीं जाएगा। मामले को सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री ने हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बृहस्पतिवार को चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर बुलाया। सूत्रों की अगर मानें तो इससे पूर्व रोहतक में भी एक बार शिक्षकों की हुड्डा के साथ मुलाकात हो चुकी है, लेकिन वह सिरे नहीं चढ़ पाई थी। हरियाणा के वर्तमान राजनीतिक हालात और हाल ही में हुई हिंसा की घटना को देखते हुए सरकार और जोखिम लेने के मूड़ में नज़र नहीं आ रही। माना जा रहा है कि इसी के चलते एक बार फिर वार्ता हुई और इसे सिरे चढ़ाया गया।

मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के अलावा उनके प्रधान सचिव छत्तर सिंह, अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. केके खंडेलवाल, उपप्रधान सचिव आरएस दून व ङ्क्षप्रसीपल ओएसडी एमएस चोपड़ा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। वहीं संघ की ओर से प्रदेशाध्यक्ष अरुण मलिक, प्रधान महासचिव राजेंद्र शास्त्री, उपाध्यक्ष रणबीर सुहाग, सचिव विजय कुमार व कोषाध्यक्ष शिवचरण तथा महिला विंग की प्रदेशाध्यक्ष बलजिंद्र कौर, कार्यकारी अध्यक्ष बिमला देवी तथा प्रधान महासचिव सोनिया गिल ने शिक्षकों का पक्ष रखा।

वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की मांग पर उनके वेतन में बीस प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का ऐलान किया। शिक्षकों को बढ़ा हुआ वेतन पहली जुलाई, 2010 से मिलेगा। यह भी फैसला हुआ कि जेबीटी अध्यापकों की जगह लगाये गये बीएड टीचर को भी नहीं हटाया जाएगा। बताते हैं कि मुख्यमंत्री ने इस संदर्भ में संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिये। इसके अलावा समायोजन के लिए लगाई गई 6 माह की अनुभव की शर्त को बदल कर अब 220 कार्य दिवस को ही एक वर्ष के अनुभव के समान मानने पर सहमति बन गई।

बैठक में अतिथि अध्यापकों को नियमित करने के मुद्दे पर विचार-विमर्श हुआ। बताते हैं कि इस मामले पर मुख्यमंत्री ने संघ को कहा कि वे अपने वकीलों से बातचीत कर इसका कोई कानूनी रास्ता निकालें। अगर इसका कोई समाधान निकलता है तो सरकार उस पर सकारात्मक रूप से विचार करेगी। यहां बता दें कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा अतिथि अध्यापकों के खिलाफ फैसला पहले ही दिया जा चुका है। ऐसे में सरकार भी इन्हें नियमित करने में सक्षम नहीं है।

वहीं बैठक में अतिथि अध्यापकों को वेतन भी पहले की तरह ही एक सैलरी हैड से दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाबी एवं संस्कृत अतिथि प्राध्यापकों (जिन्हें 220 दिन का शिक्षण कार्य का अनुभव है) उनके मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। महिला अतिथि अध्यापकों को अहम राहत देते हुए उन्हें तीन माह को प्रसुति अवकाश दिया जाएगा, जिसमें उन्हें पूरा वेतन मिलेगा। शादी के बाद या किसी अन्य आवश्यक कारण के कारण महिलाओं को जिला बदलने की अनुमति होगी। अतिथि अध्यापकों को आकस्मिक अवकाश को कलेंडर माह की बजाय कलेंडर वर्ष के मुताबिक दिया जाएगा, ताकि वे जरूरत के मुताबिक इकट्ठी छुट्टियां ले सकें।  ( दैनिक ट्रिब्यून )




                                        

क्रमिक अनशन पर बैठे झज्जर  व अंबाला के अध्यापक

Sep 28, 09:23 pm

- अनुबंधित अध्यापकों का प्रदर्शन जारी
रोहतक,  वरिष्ठ संवाददाता :  अनुबंधित अध्यापक संघ के उपायुक्त कार्यालय पर जारी प्रदर्शन व धरने के दसवें दिन मंगलवार को झज्जार  व अंबाला से आए अध्यापक क्रमिक अनशन पर बैठे। प्रदेशभर  से आए हजारों अध्यापकों ने नियमित किए जाने की मांग पर नारेबाजी की।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए राजकीय अध्यापक संघ के राज्य प्रधान बलबीर सिंह ने कहा कि सरकार पालिसी बनाकर अनुबंधित अध्यापकों को नियमित होने से रोक नहीं सकती। पालिसी बनाकर सरकार को जल्द से जल्द अनुबंधित अध्यापकों को पक्का करना होगा, वरना आंदोलन और तेज कर दिया जाएगा। धरने को पीटीआई  संघ के राज्य प्रधान बलजीत सिंह ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरकार अनुबंधित अध्यापक संघ को अकेला न समझे।

जींद  से अध्यापक संघ के प्रदेश प्रेस सचिव एसएस  नागर ने कहा कि अनुबंधित अध्यापकों के पिछले पांच सालों के योगदान को देखते हुए उन्हे शीघ्र पक्का किया जाना चाहिए। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान रमेश लोरा  व जिला सचिव रमेश सिवाच  भी धरने पर उपस्थित थे। धरने में दिनेश यादव, राजेश तोमर, अशोक शास्त्री, जोगिंद्र  सिंह, जगत प्रकाश, अनुज, बिजेंद्र सिंह, पवन सिवाच,  अशोक हुड्डा, नरेश यादव, अलका आदि ने भी भाग लिया। मंच संचालन भूपेंद्र सिंह ने किया। अनेक अनुबंधित अध्यापकों ने जोश भरने के लिए क्रांतिकारी गीत व कविताएं भी सुनाई। इस अवसर पर विनोद शास्त्री, राजकीय अध्यापक संघ सचिव भिवानी  नाजिर खान, राजेश करनाल, जय भगवान सिरसा, दलबीर पानू, अनिल लाठर,  उर्मिला सोनीपत,  समीर नरुला,  महावीर सोनीपत,  कृष्ण गुड़गांव, रघुबीर नडैल,  पूनम, अनिल, सुषमा, सरोज, नीलम, मेवा सिंह सिवानी  आदि मौजूद रहे।

बेटन  रिले के स्वागत को पहुंचे अनुबंधित अध्यापक
धरनारत अनुबंधित अध्यापकों का प्रतिनिधिमंडल प्रदेशाध्यक्ष जितेंद्र थिलोड़ की अध्यक्षता में खुशबू गार्डन में बैटन  रिले का स्वागत करने के लिए गया। जितेंद्र थिलोड़  ने कहा कि आज सायं चार बजे कैंडल मार्च निकालने का प्रोग्राम तय किया गया था, लेकिन क्विंस  बैटन  रिले के कारण व प्रशासन के अनुरोध के कारण इसे अगले दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है। अनुबंधित अध्यापकों के प्रतिनिधिमंडल में जितेंद्र थिलोड़  के अलावा पारस शर्मा, दिनेश यादव, रणबीर  सिंह कुंडू व उनकी पत्‍‌नी (राजरानी के पिता व माता) पहुंचे।

शमशेर खरकड़ा  ने की नियमित करने की मांग
अनुबंधित अध्यापकों के अनशन स्थल पर पहुंचे महम  चौबीसी अठगामा  पंचायत के प्रतिनिधि शमशेर खरकड़ा  ने कहा कि सरकार को चाहिए कि अनुबंधित अध्यापकों को नियमित करे। उन्होंने कहा कि यदि वो सरकार में आए तो अनुबंधित अध्यापकों को पक्का करवाने का प्रयास किया जाएगा। इस दौरान उन्हे धरने पर बैठे अनुबंधित अध्यापकों की सहायतार्थ 11  हजार रुपए भी दिए। ( दैनिक जागरण )

 

 

आखरी दम तक लडेगा रोहतक

Source: bhaskar news   |   Last Updated 05:21(28/09/10)

रोहतक.नौकरी स्थाई कराने के लिए आखिरी दम तक संघर्ष करेंगे, इसके लिए चाहे कितना भी समय लग जाए। यह बात राजकीय अतिथि अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र थिलौड़ ने कही। वे सोमवार को मानसरोवर पार्क के समीप एक होटल में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नौ बार पॉलिसी बनाकर कच्चे कर्मचारियों को पक्का कर चुकी है, लेकिन राजकीय अतिथि अध्यापकों के साथ भेदभाव बरता जा रहा है। सरकार ने एक प्रक्रिया के तहत दिसंबर 2005 को सरकारी स्कूलों में अतिथि अध्यापकों की भर्ती की थी, लेकिन पांच वर्ष तक सेवाएं देने के बावजूद उन्हें स्थाई नहीं किया जा रहा।

सात सितंबर 2008 को नौकरी स्थाई की मांग लेकर प्रदर्शन कर रहे अतिथि अध्यापकों पर प्रशासन ने गोली चलवाई थी। जिसमें एक शिक्षिका राजरानी की मौत हो गई थी। मुख्यमंत्री ने इस घटना के बाद आश्वासन दिया था कि उन्हें स्थाई कर दिया जाएगा, लेकिन अब वायदे से पलट गए हैं। पिछले नौ दिन से प्रदेशभर से हजारों अध्यापक धरनास्थल पर बैठे हुए हैं, लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। 24 सितंबर को मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से चंडीगढ़ में मुलाकात हुई थी, लेकिन कोई सार्थक परिणाम नहीं आए।

हालांकि सरकार की तरफ इंडियन नेशनल लोकदल के सुप्रीमो एवं पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला सोमवार को राजकीय अतिथि अध्यापक संघ के समर्थन में धरनास्थल पर पहुंचे और उनकी मांगों को जायज ठहराया। उन्होंने कहा कि मौजूदा प्रदेश सरकार निरंकुश व प्रजातंत्र विरोधी है और युवाओं को रोजगार देने की बजाय उनके मुंह का निवाला छीनने का काम कर रही है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा में अगर नैतिकता है तो अतिथि अध्यापकों को नियमित किया जाना चाहिए। इनेलो का प्रत्येक कार्यकर्ता अतिथि अध्यापकों के साथ है।

उनकी सरकार आते ही अतिथि अध्यापकों को एक कलम से पक्का किया जाएगा। इस अवसर पर जिला प्रधान धर्मपाल मकड़ौली, बलवान सिंह सुहाग, सतीश नांदल, पूर्व सांसद कैप्टन इंद्र सिंह, बलवंत मायना, बाली पहलवान, कृष्ण कौशिक, चांद सिंह एडवोकेट, दीपक भारद्वाज, सतीश राठी, उमेश देवी, जितेंद्र बल्हारा, शौरी माकिट के प्रधान राजीव मल्होत्रा, रमेश सैनी, बलवान माजरा, प्रदीप एडवोकेट, राजेश सैनी मौजूद थे। ( दैनिक भास्कर )

 

आंदोलन को दिया जाएगा कठोर रूप

Sep 28, 01:03 am


रोहतक, वरिष्ठ संवाददाता : जब तक सरकार हमें स्थायी नहीं करेगी, तब तक भूख हड़ताल व क्रमिक अनशन जारी रहेगा। पिछले आंदोलन में सरकार ने नियमित करने का वायदा किया था, लेकिन अब सरकार कोर्ट का निर्णय आने तक भर्ती पर लगाई जाने वाली रोक को न मानते हुए अध्यापकों की नियुक्ति लिस्ट जारी कर रही है। इस दिशा में आगामी 30 सितंबर को राज्य कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई है, यदि सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन की दिशा बदलकर उसे कठोर रूप दिया जाएगा।

उपायुक्त कार्यालय के बाहर क्रमिक अनशन पर बैठे अनुबंधित अध्यापकों के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को पत्रकार वार्ता के दौरान ये बात कही। अनुबंधित अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष जितेंद्र थिलोड़ ने कहा कि गत 24 सितंबर को चंडीगढ़ में हुई मीटिंग में सरकार ने गेस्ट अध्यापकों से संबंधित पालिसी की अध्यापकों से ही मांग कर डाली, जबकि पालिसी बनाना सरकार का काम है, न कि अध्यापकों का। हालांकि कमिश्नर सुरीना राजन ने जो बयान दिया कि अनुबंधित अध्यापकों को हटाया नहीं जाएगा, वह स्वागत योग्य है, लेकिन दूसरी ओर स्थाई तौर पर अन्य को लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार अनुबंधित अध्यापकों को गुमराह न करे, पालिसी बनाकर पक्का करे। उन्होंने कहा कि उन्हे नियमित भर्ती से विरोध नहीं, लेकिन पहले उन्हे पक्का किया जाए।

कामनवेल्थ गेम का स्वागत
पत्रकारों के पूछने पर जितेंद्र थिलोड़ ने कहा कि शहर से गुजरने पर बैटन रिले का स्वागत किया जाएगा। यदि बैटन रिले धरना स्थल से गुजरी तो फूलमालाओं से उसका स्वागत किया जाएगा।

इसके अलावा अनुबंधित अध्यापकों ने बताया कि वे रोजाना के क्रमिक अनशन व धरने की पूरी रिपोर्ट राहुल गांधी व सोनिया गांधी को फैक्स कर रहे है। इस अवसर पर राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष जितेंद्र थिलोड़ के अलावा प्रतिनिधिमंडल में नरवाना से जोगिंदर, कैथल से भूपेंद्र, मेवात से पारस, पलवल से जगत प्रकाश मौजूद थे।

 

 

गेस्ट टीचरों को नियमित करे सरकार : मलिक

Sep 28, 05:54 pm




पानीपत, जागरण संवाद केंद्र : हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष अरुण मलिक ने कहा कि सरकार गेस्ट टीचरों को जल्द से जल्द नियमित करे। मार्च 2011 में गेस्ट टीचरों का कांट्रेक्ट समाप्त हो रहा है। विपक्षी पार्टियां टीचरों को बरगलाने का प्रयास कर रही हैं। मलिक मंगलवार को शहर के एक होटल में पत्रकार वार्ता कर रहे थे।

अरुण मलिक ने कहा कि रोहतक में सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले टीचर धरने पर बैठे हैं। धरनास्थल का दौरा करने के बाद उन्हें लगा कि सर्व कर्मचारी धरने में शामिल टीचरों को गुमराह कर रही है। टीचरों के हित के बजाए सर्व कर्मचारी संघ राजनीतिक रोटियां सेंकने में लगी है। इसमें सर्व कर्मचारी संघ की विपक्ष से सांठगांठ है। बीते सोमवार को रोहतक में धरने पर बैठे टीचरों से विपक्ष के नेता ओमप्रकाश चौटाला ने मुलाकात की। चौटाला ने टीचरों की हित के बजाए राजनीतिक बयानबाजी की।

मलिक ने कहा कि धरने पर बैठे टीचरों को वेतन में आर्थिक रूप से नुकसान हो रहा है। बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है। गेस्ट टीचरों को न हटाने के संबंध में मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के साथ बातचीत हो चुकी है। तीन-चार दिन में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर टीचरों के डिमांड को तत्काल प्रभाव से लागू करने का प्रयास करेंगे। किसी भी अतिथि अध्यापक का हटने नहीं दिया जाएगा।

गेस्ट टीचरों के नियमित करने की वार्ता सरकार से चली हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार मांगों पर अमल नहीं करती है तो रैली का ऐलान किया जाएगा। रैली रोहतक में आयोजित की जाएगी। संघ गेस्ट टीचरों के हित में फैसला लेगा। प्रेस वार्ता में हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ महिला विंग की प्रेसिडेंट बलजिंदर कौर, विमला, रणवीर सुहाग, विजय, राजेन्द्र शास्त्री, शिव चरण, जय भगवान सहित जिला प्रधान मौजूद थे। ( दैनिक जागरण )

 

 

अनुबंध अध्यापकों के संघर्ष में प्रत्येक कर्मचारी करे सहयोग : सुरेंद्र्रपाल

Posted On September - 28 - 2010
नंदलाल गुप्ता

शहीद उधम सिंह  चौक चीका पर मुख्यमंत्री का पुतला फूंकते हुए अनुबंध अध्यापक। -छाया
गुहला-चीका, 27 सितम्बर। अनुबंधित अध्यापक संघ खंड गुहला के सदस्यों द्वारा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चीका के प्रांगण में एक बैठक का आयोजन किया जिसमें सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों का पुरजोर विरोध किया गया। बैठक उपरांत सभी अनुबंधित अध्यापकों ने शहर की सड़कों से गुजरते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष प्रदर्शन करते हुए शहीद उधम ङ्क्षसह चौक पर मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। बैठक में अध्यापक नेताओं ने अनुबंध अध्यापक संघ पर दोषारोपण करने के बयान की कड़ी ङ्क्षनदा की।
बैठक को संबोधित करते हुए अनुबंधित अध्यापक नेता सुरेंद्र पाल ने कहा कि अखबारी शेर कर्मचारी नेता नहीं हो सकते, जो किसी भी कर्मचारी संघ को बंटाधार करने की कुत्सितचाल चलकर अपना स्वार्थ साधने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि हम ऐसे नेताओं का और उनकी दोगली नीतियों का खुला विरोध करते हैं जो अनुबंध अध्यापक संघ पर बिना वजह अंगुलियां उठाते हैं। यह संघर्ष संगठन का संघर्ष है जो रोजगार व पेट की लड़ाई लड़ रहे हैं जिसमें तमाम कच्चे-पक्के कर्मचारियों को साथ देना चाहिए ना कि उल जलूल बातें करनी चाहिए।
लगातार पांच वर्ष के संघर्ष के बाद भी अनुबंध अध्यापकों की सेवा, भविष्य व रोजी-रोटी सुरक्षित रहीं है और संघ एकजुट होकर संघर्ष के रास्ते में है, ऐसी स्थिति में उनके ऊपर कुछ लोगों द्वारा अपनी राजनीति चमकाना किसी घटिया सोच का परिचायक है। उन्होंने कहा कि सरकार ने संघ की जो कुछ मांगें पूरी की हैं वह बहन राजरानी के बलिदान व अनुबंधित अध्यापकों के संघर्ष की देन है।
इस अवसर पर जरनैल ङ्क्षसह, भूपेंद्र शर्मा, कृष्ण कुमार भूना, लखङ्क्षवद्र कौर, अंजना, उमा रानी, विरेंद्र वड़ैच, विनोद पासी सहित अन्य भी मौजूद थे।

 

 

खरकड़ा ने दिया अनुबंध अध्यापकों को समर्थन

Posted On September - 29 - 2010

रोहतक लघु सचिवालय के बाहर क्रमिक अनशन व धरने पर बैठे अनुबंध अध्यापकों का अभिन्दन करते प्रमुख समाजसेवीं शमशेर खरकड़ा। - भारद्वाज।
 रोहतक/बहादुरगढ़, 28 सितंबर(निस)। प्रमुख समाजसेवी शमशेर सिंह खरकड़ा ने कहा कि प्रदेश सरकार के पास एजूसेट आदि घोटालों के नाम पर खर्चने के लिए तो सैंकडों करोड़ रूपया है लेकिन राष्ट्रनिर्माता शिक्षक के लिए वेतन देने के भी पैसे नहीं हैं। खरकड़ा आज दस दिन से लघु सचिवालय के बाहर धरना देकर बैठे अनुबंध अध्यापकों के बीच पहुंचकर उन्हें संबोधित कर रहे थे।
खरकड़ा ने अध्यापकों को नियमित न होने तक इस धरने-प्रदर्शन में अपना पूरा सहयोग व समर्थन देने का ऐलान किया। उन्होंने अध्यापकों को 11 हजार रूपये की सहायता राशि भी दी। अध्यापकों द्वारा लगाए जा रहे सरकार के खिलाफ शेम-शेम के नारों के बीच उन्होंने कहा कि बहादुरों की धरती रोहतक से सम्बन्ध रखने वाले मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा को वायदा खिलाफी शोभा नहीं देती। उन्होंने कहा कि झूठे वायदे करना हुड्डा सरकार की आदत बन चुकी है।
आज अध्यापकों के धरने को सर्व कर्मचारी संघ ने भी अपना पूर्ण समर्थन प्रदान किया तथा आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने की बात कही। इससे पूर्व आज प्रात: झज्जर व अम्बाला के सौ अनुबंध अध्यापक-अध्यापिकाएं क्रमिक अनशन पर बैठे।   इस अवसर पर सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान रमेश लौरा, सुमेर सिवाच, राजपाल सिक्का, अनुबंध अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष जितेन्द्र थिलौड, पारस शर्मा आदि ने भी अतिथि अध्यापकों को सम्बोधित किया।

पिहोवा बैठक में भाग लेते अनुबंध अध्यापक व अध्यापिकाएं। छाया : सुभाष पौलस्त्य
पिहोवा, 28 सितबर (निस)। अनुबंध अध्यापकों की बैठक ब्लाक प्रधान रामफल संधौला की अध्यक्षता में विश्रामग्रह सिंचाई में हुई। बैठक में बोलते हुए वक्ताओं ने सरकार से मांग की कि उन्हें तत्काल नियमित किया जाए। ब्लाक प्रधान  ने कहा कि 29 व 30 सितम्बर को रोहतक धरने में कुरुक्षेत्र व करनाल जिले के अनुबंध अध्यापक भाग लेंगे, जिसकी तैयारियों के लिए यह बैठक आयोजित की गई है।
अनुबंध अध्यापिका कमलेश काजल ने कहा कि रोहतक में चल रहा धरना ऐतिहासिक है तथा अनुबंध अध्यापक हर तरह के संघर्ष व बलिदान के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को अनुबंध अध्यापकों को नियमित करने का अपना आश्वासन पूरा करना चाहिए, जिससे कि उनकी मानसिक परेशानी दूर हो सके। बैठक में महिला अनुबंध अध्यापकों ने भी उत्साह के साथ  शामिल हो रोहतक धरने में जाने की घोषणा की।
इस अवसर पर सतपाल , हरजीत , रोहित , नीलम , पुष्पा रानी, सीमा शर्मा, संजीव शर्मा, राजेश आत्रेय, सुरेश कुमार सहित भारी संख्या में अनुबंध अध्यापक उपस्थित थे।

हरियाणा अनुबंध अध्यापक संघ खंड गुहला के सदस्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए। छाया : निस
गुहला-चीका, 25 सितम्बर (निस)। हरियाणा अनुबंध अध्यापक संघ खंड गुहला की बैठक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चीका में मैडम अंजना की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में 24 सितम्बर को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेंद्र ङ्क्षसह हुड्डा के साथ अनुबंध अध्यापकों के शिष्टमंडल से हुई बातचीत के बारे में चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए अध्यापक नेता विजेंद्र कुमार ने बताया कि अनुबंध अध्यापक 19 सितम्बर से रोहतक में क्रमिक अनशन पर बैठे हैं और ब्लॉक व जिला स्तर पर जोरदार प्रदर्शन चल रहे हैं। इन्हीं आंदोलनों के दबाव में 24 सितम्बर को अनुबंध अध्यापकों के शिष्टमंडल को बुलाया था। मुख्यमंत्री ने अनुबंध अध्यापकों की एक सूत्री मांग जो कि पक्का करने की है को मानने से इंकार कर दिया है।  अध्यापक नेता रामपाल ने बताया कि अनुबंध अध्यापकों को एकजुट होकर बड़ा आंदोलन करने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी अनुबंध अध्यापकों को रोहतक पहुंचने की अपील की।
हरियाणा राजकीय अध्यापक संघ खंड गुहला के प्रधान बसाऊ राम व सचिव कंवरजीत ङ्क्षसह ने कहा कि मुख्यमंत्री के आश्वासनों को नकारना अनुबंध अध्यापकों की जीत है। सर्वकर्मचारी संघ खंड गुहला के प्रधान धर्मचंद नैन ने अपने संबोधन में कहा कि सर्वकर्मचारी संघ व इससे संबंधित सभी संगठनों का सहयोग अनुबंध अध्यापकों के आंदोलनों में जारी रहेगा। यह समर्थन तब तक जारी रहेगा जब तक अनुबंध अध्यापकों की एक-एक मांग मान नहीं ली जाती। ( दैनिक ट्रिब्यून )


 

इनेलो करेगा अनुबंधित अध्यापकों को स्थायी : चौटाला 

 

Sep 28, 01:03 am




रोहतक, वसं :  यदि मौजूदा सरकार ने अतिथि अध्यापकों की मांगें पूरी नहीं की तो इनेलो सरकार आने पर उन्हे पहली कलम से नियमित किया जाएगा। यह बात सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने डीसी कार्यालय के बाहर पिछले 9 दिन से धरनारत अनुबंधित अध्यापकों के बीच पहुंच कर कही।
उन्होंने कहा कि धरने पर बैठे अतिथि अध्यापकों की मांगें जायज है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पिछले आंदोलन में अतिथि अध्यापकों को नियमित करने का आश्वासन दिया था, लेकिन मौजूदा सरकार अतिथि अध्यापकों के मुंह का निवाला छीनने पर लगी है। विपक्ष का नेता होने के नाते इनेलो का हर एक कार्यकर्ता अतिथि अध्यापकों का सहयोग करेगा। यदि लाठियां व गोली चलीं तो इनेलो कार्यकर्ता अपनी छाती पर गोलियां खाने के लिए तैयार रहेगे।
इस अवसर पर अनुबंधित अध्यापकों के प्रदेशाध्यक्ष जितेंद्र थिलोड़, पारस शर्मा, बलदेव सिंह घणघस, करतार सिंह पंघाल के अलावा इनेलो के जिला प्रधान धर्मपाल मकड़ोली, बलवान सिंह सुहाग, सतीश नांदल, कैप्टन इंद्र सिंह, बलवंत मायना, बाली पहलवान, इंद्र सिंह ढुल, सतीश राठी, कृष्ण कौशिक, चांदसिंह एडवोकेट, जितेंद्र बल्हारा, उमेश देवी, सतीश भालौठ, सुंदरलाल सेठी, ईश्वर सिंह, राजीव मल्होत्रा, बिल्लू मल्होत्रा, दीपक भारद्वाज, मास्टर महेद्र सिंह आदि मौजूद थे।
समर्थन में आए कई संगठन
अनुबंधित अध्यापकों के समर्थन में सोमवार को कई और संगठन भी उतरे। हरियाणा राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष महताब सिंह मलिक, अध्यापक संघ के प्रांतीय उप प्रधान प्रेमचंद देशवाल, हरियाणा बिजली कर्मचारी संघ के सर्कल सचिव रामनिवास, रोडवेज वर्कर यूनियन के जिला रोहतक प्रधान महाबीर मलिक, सर्व कर्मचारी संघ रोहतक के प्रधान रमेश लोरा, आल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ आर्गेनाइजेशन के जिला सचिव हरीश कुमार, अध्यापक संघ फरीदाबाद के जिला प्रधान राजेंद्र कुमार, सर्व कर्मचारी संघ रोहतक के खंड प्रधान राजपाल सिक्का ने भी अनुबंधित अध्यापकों को अपना समर्थन दिया।  ( दैनिक जागरण )


  


छठे दिन भी जारी रहा अध्यापकों का अनशन
 



Sep 24, 11:10 pm
रोहतक, वरिष्ठ संवाददाता : अनुबंधित अध्यापक संघ का क्रमिक अनशन आज छठे दिन भी जारी रहा। अनशन पर जिला महेद्रगढ़ व रेवाडी के अध्यापक बैठे। शुक्रवार सुबह अध्यापकों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार से बातचीत के लिए संघर्ष समिति को रवाना किया। संघ के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह घिलौड ने कहा कि पंजाब, राजस्थान व उत्तर प्रदेश की सरकारों ने पालिसी बनाकर तदर्थ अध्यापकों व कर्मचारियों को नियमित किया है। प्रदेश सरकार से भी अध्यापकों की यही मांग है। सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष बलबीर सिंह ने कहा कि शिक्षा विभाग में बड़ी संख्या में पद रिक्त है। इन पदों पर सरकार को शीघ्र नियमित अध्यापकों की भर्ती करनी चाहिए। इस मौके पर जिला प्रधान सतपाल, सूरेद्र सूरा, जरनैल सिंह समेत अन्य अध्यापकों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।



 

 

भिवानी, हिसार के अनुबंधित अध्यापकों ने दिया धरना

Sep 23, 06:55 pm

रोहतक, वरिष्ठ संवाददाता : अनुबंधित अध्यापकों के उपायुक्त कार्यालय पर जारी क्रमिक अनशन के दौरान गुरुवार को भिवानी, हिसार जिले के अध्यापक भूख हड़ताल पर बैठे। दूसरी ओर क्रमिक अनशन पर बैठे अध्यापकों में से एक अध्यापक की तबियत और बिगड़ गई, जिसे साथी अध्यापकों ने पीजीआई पहुंचाया।

आज सुबह से क्रमिक अनशन पर बैठे महेद्रगढ़ से आए राजपाल नामक अध्यापक की तबियत बिगड़ गई। उसे छाती में दर्द हुआ व सिर में चक्कर आने लगे। साथी अध्यापकों ने उसे पीजीआई पहुंचाया, वहीं बुधवार देर रात तबियत बिगड़ने पर पीजीआई  में दाखिल हुए तीन अध्यापकों को आज छुट्टी मिल गई।

जितेंद्र थिलोड़ ने बताया कि मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने का कार्यक्रम 25 सितंबर तक स्थगित कर दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से होने वाली 24 तारीख की बातचीत के बाद आगे का कार्यक्रम बनाया जाएगा।
कार्यकारिणी सदस्य दिनेश यादव, पारस शर्मा, भूपेंद्र ने कहा कि पंजाब ने केवल दो वर्ष के लगे हुए कर्मचारियों को नियमित कर दिया, जबकि यहां कई सालों से कार्यरत अनुबंधित अध्यापकों को पक्का नहीं किया जा रहा है।
राजकीय अध्यापक संघ 70 संबंधित सर्व कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान बलबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा में 35 हजार शिक्षकों के पद खाली है। शिक्षा का मौलिक अधिकार लागू होने के बाद इतने ही पद और बनते है।

अनुबंधित शिक्षकों के साथ पिछले आंदोलन में जान गंवाने वाली अध्यापिका राजरानी के पिता ने भी अनशनकारियों के साथ अनशन रखा। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान रमेश लोरा ने कहा कि धरने पर हजारों की संख्या में महिलाएं है, लेकिन यह खेद का विषय है कि यहां पानी व शौचालय तक की सुविधा नहीं है।

इस मौके पर महासंघ से संबंधित अध्यापक संघ के कोषाध्यक्ष मास्टर शक्ति सिंह सिवाच ने उनके आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने का वादा किया। सीटू के राज्य प्रधान सत्यवीर ने इस आंदोलन को समर्थन देने का वादा किया। अध्यापक संघ की राज्य प्रधान निर्मला ने अनुबंध अध्यापकों के आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार अनुबंधित अध्यापकों को पक्का नहीं करती, तब तक हम रोहतक में ही डटे रहेगे।
आज के धरने पर अशोक शास्त्री, प्रीतम, राजेश खत्री, सत्यपाल शर्मा, जींद से जोगिंद्र, फतेहाबाद से नरूला, अलका सिवाच ने भी पूर्ण समर्थन दिया।   ( दैनिक जागरण )






मांगें पूरी न होने तक जारी रहेगा धरना








Story Update : Sunday, September 26, 2010    12:01 AM

रोहतक। नियमित करने की मांग को लेकर लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे अनुबंधित अध्यापकों का धरना जारी रहा। अध्यापकों ने कहा कि सरकार को दिया अल्टीमेटम चार दिन के लिए बढ़ा दिया गया है। अध्यापकों का कहना है कि धरना तभी समाप्त होगा, जब उनकी मांग मानी जाएगी।
शनिवार को लघु सचिवालय के बाहर अनुबंधित अध्यापकों के धरने पर अध्यापकों की संख्या बढ़ गई है। आज अध्यापकों ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंकना था। परंतु अल्टीमेटम चार दिन तक बढ़ाए जाने पर मुख्यमंत्री का पुतला नहीं फूंका। अनुबंधित अध्यापकों के कार्यक्रम को देखते हुए सुबह ही पुलिस ने धरने स्थल के दोनों तरफ बेरीकेड लगा दिए थे। धरने पर हुई विशेष बैठक में इस बात का निर्णय लिया कि अल्टीमेटम चार दिन तक बढ़ा दिया जाएगा। धरने पर अन्य कर्मचारी संगठनों ने पहुंचकर समर्थन दिया।  ( अमर उजाला )


मांगों को लेकर अनुबंध अध्यापक चीका में सड़कों पर झाड़ू लगाकर रोष प्रदर्शन करते हुए। - निस

गुहला-चीका, 24 सितम्बर  (निस)। हरियाणा अनुबंध अध्यापक संघ खंड गुहला के अनुबंध अध्यापक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक चीका में एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शहीद उधम ङ्क्षसह चौक पर पहुंचे।अनुबंध अध्यापकों ने आज सड़कों पर झाड़ू लगाकर अपना विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन कर रहे अध्यापकों को अध्यापक नेता रामपाल ने संबोधित करते हुए कहा कि पिछले चार दिन से रोहतक में चल रहा क्रमिक अनशन जारी है। उन्होंने कहा आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार अतिथि अध्यापकों को किए गए वादे के अनुसार पक्का नहीं करती। उन्होंने कहा कुछ दिन पहले शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने यह बयान दिया था कि अतिथि अध्यापकों का वेतन बढ़ाया जाएगा और इनकी सेवा पर कोई आंच नहीं आएगी।

उन्होंने कहा अनुबंध अध्यापक संघ सरकार के इस प्रकार के बहकावे में नहीं आएंगे, नियमित होने तक अपना अनशन जारी रखेंगे। सर्वकर्मचारी संघ के हलका प्रधान धर्मचंद नैन व राजकीय अध्यापक संघ के खंड प्रधान बसाऊ राम ने भी प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे सब इस आंदोलन में अतिथि अध्यापकों के साथ हैं और हर प्रकार की कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा सभी अनुबंध अध्यापक व अन्य कर्मचारी संगठन एकजुट होकर शहीद राजरानी के सपनों को साकार करेंगे। उन्होंने सरकार से मांग की कि शीघ्र ही कच्चे कर्मचारियों के लिए बनाई गई पॉलिसी को दो वर्ष सेवा शर्त के आधार पर तुरंत लागू की जाए अन्यथा सभी संगठन मिलकर एक ऐसा आंदोलन चलाएंगे कि सरकार को मजबूर होकर आंदोलन के आगे घुटने टेकने पड़ेंगे।  ( दैनिक ट्रिब्यून ) 

 

 

अनशन पर डटे रहे अतिथि अध्यापक




 
रोहतक. नौकरी स्थाई की मांग लेकर अनशन पर बैठे अनुबंध अध्यापकों के पैर मूसलाधार बारिश भी नहीं डिगा सकी।
अनुबंध अध्यापक संघ के प्रधान जितेंद्र थिलोड़ ने कहा कि सरकार गलत नीति के तहत हजारों परिवारों का रोजगार छीनना चाहती है, लेकिन सरकार की नीति को सफल नहीं होने दिया जाएगा। पिछले कई वर्षो से स्कूलों में विद्यार्थियों को शिक्षा देने वाले अध्यापकों को सरकार की मंशा घर बैठाने की है। संघ के सभी सदस्यों ने संकल्प लिया है कि जब तक उन्हें स्थाई नहीं किया जाएगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा। पूरे प्रदेश के अनुबंध अध्यापक एकजुट हैं और संघर्ष को कम नहीं होने दिया जाएगा।

महेंद्रगढ़ से आए दिनेश यादव ने कहा कि अनुबंध अध्यापक सरकार से हर लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं और आखिरी सांस तक अपने हक के लिए लड़ेंगे। अरूण मलिक ने कहा कि शीघ्र ही सरकार ने मांग नहीं मानी तो 25 सितंबर को मुख्यमंत्री का पुतला जलाया जाएगा। सरकार को भविष्य में गंभीर अंजाम भुगतने पड़ सकते हैं। धरने में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए रणबीर सिंह कुंडू, रघबीर सिंह, पारस, राजकुमार चुघ, जगत प्रकाश, राजेंद्र शास्त्री, जोगेंद्र नरवाना, समीर नरूलम, बलराज मलिक, भूपेंद्र कैथल, बिमला, अल्का, मुकेश, सुशील, बलबीर सिंह, रमेश लोरा, अशोक शास्त्री, गोपाल सिंह आदि मौजूद थे।

दुधमुंहे बच्चें को छोड़ कर आए हैं

प्रदेश भर से आई महिला अनुबंध अध्यापकों ने कहा कि अपने हक के लिए धरने पर बैठी हैं। दूर-दराज के क्षेत्रों से अपने छोटे-छोटे बच्चों को घर छोड़कर आई हैं, लेकिन सरकार पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा। रतिया से आई रीटा, राज, सुमन, सुनीता ने कहा कि अगर सरकार ने उनका हक छीनने की कोशिश की तो प्रदेश में संघर्ष का बिगुल बजा दिया जाएगा। सरकार की हठधर्मिता के कारण स्कूलों में बच्चों की पढाई प्रभावित हो रही है क्योंकि अनुबंध अध्यापक तीन दिन से धरने पर बैठे हैं।

तिरपाल बने सहारा

लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे अतिथि अध्यापकों को बारिश से बचने के लिए कोई इंतजाम नहीं होने पर बाजार से प्लास्टिक की शीट खरीदनी पड़ी। मूसलाधार बारिश में उन्हें तिरपालों का सहारा लेना पड़ा। अनुबंध अध्यापकों का कहना था कि रोजगार छीनने का डर बारिश से कहीं ज्यादा है, इसलिए वे अपनी मांगों के लिए धरनास्थल पर डटे हुए हैं। अगर सरकार ने शीघ्र ही कोई निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन तेज हो जाएगा।   ( दैनिक भास्कर )


गुहला-चीका, 23 सितम्बर (निस)।  अतिथि अध्यापकों द्वारा जारी प्रदर्शन तेज होता जा रहा है। वीरवार को दर्जनों अतिथि अध्यापकों ने अपनी मांगों को लेकर शहीद उद्यम सिंह चौंक पर मटका फोड़ प्रदर्शन किया तथा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इससे पहले खंड गुहला अध्यापक व अध्यापिकाएं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्रांगण में एकत्र हुए। अध्यापकों ने स्कूल से रोष जलूस निकाल कर शहर भर में प्रदर्शन भी किया। अध्यापक नेता बसाऊ राम व अंजना रानी ने कहा कि सरकार अतिथि अध्यापकों को पक्का करने का वादा पूरा करे। रोहतक में अनुबंध अध्यापक अन्य संगठनों के सहयोग से क्रमिक अनशन जारी हैं। राज्य का एक एक अनुबंध अध्यापक अपनी मांगों को मनवाने के लिए हर प्रकार की कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं। यह अनशन व प्रदर्शन एक-एक मांग माने जाने तक जारी रहेगा। खंड गुहला के प्रधान बसाऊ राम ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणा राजकीय अध्यापक संघ अनुबंध अध्यापकों के आन्दोलन को तेज करने के लिए हर प्रकार से सहयोग दे रहा हैं। समर्थन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार अतिथि अध्यापकों की सभी मांगों को मान नहीं लेती। इस अवसर पर महेश शास्त्री, विनोद पासी, सुरेश कुमार, रामपाल, विरेन्द्र सिंह, मोहित कुमार, सुनील कुमार, विष्णु गर्ग, राम चंद्र, सतबीर सिंह, हेमराज, सत्यावान, चांद कुमारी, अनुराधा पुरी, हरजीत कौर, रूपेन्द्र कौर, सुमन, नीरू, सुरेंद्र कौर आदि मौजूद थे।     ( दैनिक ट्रिब्यून )
रोहतक/बहादुरगढ़, 19 सितम्बर (निस)।  राज्य अनुबंध अध्यापक संघ हरियाणा के आह्वान पर राज्यभर से आए हजारों अनुबंध अध्यापक आज सरकार के खिलाफ आरपार की लड़ाई का ऐलान करते हुए रोहतक  लघु सचिवालय पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। इससे पूर्व छोटूराम स्टेडियम में एक रैली का आयोजन किया गया। भारी बरसात के बावजूद प्रदेश भर से जुटे हजारों अध्यापक-अध्यापिकाएं रैली स्थल पर जुटे रहे। उसके बाद अध्यापक जोरदार प्रदर्शन करते  हुए लघु सचिवालय पहुंचे व एसडीएम को ज्ञापन सौंपने के बाद धरने पर बैठ गए। अनुबंध अध्यापक नेताओं ने ऐलान किया कि कल सुबह तक सभी अध्यापक धरना स्थल पर डटे रहेंगे तथा कल से प्रतिदिन दो जिलों के कम से कम सौ अनुबंध अध्यापक भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि मेवात जिले के अनुबंध अध्यापक प्रतिदिन धरने पर रहेंगे।
रैली को सम्बोधित करते हुए संघ के राज्य कार्यकारिणी सदस्य पारस शर्मा व दिनेश यादव ने कहा कि पूरे प्रदेश के दो जिलों से रोजाना सौ अनुबंध अध्यापक अनशन पर  बैठेंगे।  रैली में राजकीय अध्यापक संघ के राज्य प्रधान बलबीर सिंह व राज्य महासचिव वजीर सिंह ने आन्दोलन का समर्थन करते हुए कहा कि शिक्षा अधिकार कानून के तहत 30 हजार नये पद सृजित किए जाएं।
रैली को सर्व कर्मचारी संघ के राज्य महासचिव जीवन सिंह, रमेश लौरा, राजरानी के पिता रणबीर कुन्डू, सीएन भारती, धर्मबीर डाडा, सत्यवीर गोयल, महेन्द्र कुमार, जोगिन्द्र नरवाना, भूपेन्द्र सिंह, अल्का सिवाच, सत्यवान मलिक, रेखा, महावीर, जगत प्रकाश, देवीसिंह आदि ने भी सम्बोधित किया। रैली का मंच संचालन सतपाल शर्मा ने किया।      ( दैनिक ट्रिब्यून )

 

 

फिर गरजे अनुबंध अध्यापक

रोहतक. राजकीय अनुबंध अध्यापक संघ हरियाणा के बैनर तले प्रदेशभर से आए गेस्ट टीचर रविवार को छोटूराम स्टेडियम में एकजुट हुए। रैली में पहुंचे टीचरों ने सड़क पर उतरकर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए।

हजारों की तादाद में पहुंचने पर पुलिस प्रशासन की सांसें अटकी रही। अनुबंध अध्यापक शहर में प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे और सीएम के सहायक राजनीतिक सचिव जेके मल्होत्रा ने वहां पहुंचकर ज्ञापन लिया। अध्यापकों ने सरकार से नियमित करने की मांग की और रोहतक में अनिश्चितकालीन क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी। संघ के प्रदेशाध्यक्ष जितेंद्र कुमार ने कहा कि गेस्ट टीचर पिछले कई साल से नियमित होने के लिए संघर्षरत हैं।

सरकार कई अध्यापकों को बाहर का रास्ता दिखा चुकी है। जब प्रदेश के स्कूलों में पद रिक्त पड़े हैं तो उन्हें भरा जाना चाहिए। राजकीय अध्यक्ष संघ के राज्य प्रधान बलबीर सिंह ने कहा कि सरकार एक तरफ तो शिक्षा उपलब्ध कराने का नारा देती है, दूसरी तरफ अनुबंध अध्यापकों के साथ अन्याय कर रही है। आज प्रदेश में हजारों पद रिक्त पड़े हैं जिन्हें सरकार को भरना होगा। राज्य कार्यकारिणी सदस्य पारस शर्मा व दिनेश यादव ने कहा कि क्रमिक अनशन पर पहले दिन राज्य व जिलास्तर के पदाधिकारी बैठेंगे। इसके बाद रोजाना हर जिले से अनुबंध अध्यापक बैठेंगे।

रैली को महेंद्र सिंह, सीएन भारती, धर्मबीर, सत्यवीर गोयल, महेंद्र कुमार, जोगेंद्र नरवाना, भूपेंद्र सिंह, अल्का सिवाच, सत्यवान मलिक, रेखा, महावीर, जगत प्रकाश व देवी सिंह ने संबोधित किया। बाद में तमाम टीचर शीला बाइपास चौक से होते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। भारी संख्या में मौजूद टीचरों ने प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ नारे लगाए। इससे पूर्व, टीचरों ने शहीद बहन राजरानी के चित्र पर पुष्प अर्पित किए।

रात तक डाले रहे डेरा

गेस्ट टीचरों में इस बात को लेकर अंदरखाने रोष था कि सरकार पदों को परमानेंट भर रही है लेकिन उनकी मांग पर गौर नहीं कर रही है। अपनी मांग मनवाने के लिए सरकार पर दबाव बने इसके लिए गेस्ट टीचर लघु सचिवालय के बाहर अनिश्चित कालिन क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठ गए। अधिकारियों ने काफी समझाया लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी। पुलिस के जवान भी पूरी नजर रखे रहे ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो जाए। आलाधिकारी पल-पल की खबर लेते रहे। हालांकि अधिकारियों को स्पष्ट आदेश थे कि टीचरों पर किसी प्रकार का बल प्रयोग नहीं करना है। उन्हें शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने दें।

सुबह ही तैनात हो गई थी पुलिस

पूर्व में जब गेस्ट टीचर रोहतक में जुटे थे तब गोली लगने से एक गेस्ट टीचर राजरानी की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से जिला प्रशासन सतर्क रहने लगा है। रविवार को डीएसपी बलजिंद्र सिंह पुलिस जवानों के साथ रणनीति बनाने में जुटे रहे। प्रत्येक जवान को अलग-अलग जगह तैनात कर दिया।

जाम की स्थिति बनी

छोटूराम स्टेडियम में रैली करने के बाद तमाम टीचर लघु सचिवालय की ओर कूच करने लगे तो शीला बाइपास चौक पर जाम की स्थिति बन गई। वाहनों की लंबी कतारें लग गई। सोनीपत रोड पर भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में टीचरों का काफिला मानसरोवर पार्क के पास से गुजरा तो सोनीपत स्टैंड व सुभाष चौक पर भी जाम की स्थिति बन गई थी। हालांकि ट्रैफिक कर्मियों ने वाहन चालकों को रास्ता दिलाने के भरपूर प्रयास किए परंतु टीचरों की संख्या अधिक होने के कारण जाम काफी देर तक रहा।  ( दैनिक भास्कर )



















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